Meri Guriya

मेरी गुड़िया

मेरी गुड़िया प्यारी-प्यारी 
बातें उसकी न्यारी-न्यारी 
नन्हीं सी यह फूल सी बच्ची 
छोटी सी पर दिल की सच्ची

कोमल-कोमल हाथों वाली 
नीली-नीली आँखों वाली 
गोरे-गोरे गाल हैं उसके 
भूरे-भूरे बाल हैं उसके

नन्हे पैरों से जब चलती 
गिर जाए तो ख़ुद ही संभलती 
जाय वहीं मम्मी जहाँ जाय 
ख़ाय वही मम्मी जो खिलाय

पापा की है राज दुलारी 
मम्मी की है दुनिया सारी 
पापा जब आफ़िस से आएँ 
झट उनकी गोदि चढ़ जाए

परियों की सी मेरी रानी 
बातों में तो सब की नानी 
बोले जब वह तोतली बोली 
भर जाए खुशियों से झोली

मम्मी पापा की जिंद-जान 
करेगी जग में ऊँचा नाम 
मीठी-मीठी शहद की पुड़िया 
कितनी प्यारी है मेरी गुड़िया

Poem Submitted By : Dil Comments

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